Bhrashtachar Essay

Bhrashtachar (English: Corruption) is a 1989 Hindi-language Indian feature film directed by Ramesh Sippy, produced by G. Sippy, starring Mithun Chakraborty, Rekha, Anupam Kher, Raza Murad and Abhinav Chaturvedi, with Rajinikanth in a special appearance.Cunning politician Purshottam (Anupam Kher) is about to contest an election, but Ashutosh Das (Mithun Chakraborty), an alcoholic police officer, Bhavani Dutt (Rekha), an activist and Abdul Sattar (Rajinikanth), a politician are against this move of Purshottam as they know about his criminal activities and the three join hands to bring Purshottam to justice to save the innocent people.

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Some Bhrashtachar Poem in Hindi for all class studentsभ्रष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए हमने कविताओ का संग्रह किया है भ्रष्टाचार पर कविताएँ कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए है.

इन कविताओ की सहायता से विद्यार्थी अपनी जानकारी बढ़ा सकते हैं और साथ ही परीक्षाओं में भी इन कविताओ का इस्तेमाल कर सकते है.शराफत की जमाने अब कहांयूं अकेले मत पड़ो यहां-वहांसमूहों के झुंड आसपास हैं,कोई साधारण कोई खास हैहर कोई खींचने की फिराक में,मना करो, आ जाते है आंख मेंजंगल छोड़ भेड़िए शहरों में आने लगे,सुंदर लिबासों में शरीफों को लुभाने लगेख्वाब बेचने का व्यापार चल पड़ा,लालच में हर कोई मचल पड़ासमूहों में हर चीज जायज हो जाती,विचारधाराएं खारिज हो जाती.नहीं दौर के तर्क नए,सत्य स्वयं भटक गया,इंसान इंसानियत छोड़,समूहों में अटक गया.ईमान कम बचा,नियति तो बहुत स्पष्ट है,शिकायत किससे करें,जब पूरा तंत्र ही भ्रष्ट है.– Ashok Madrechaइस देश की है बीमारी, यह भूखे भ्रष्टाचारीजिस थाली में खाना खाते, यह छेद उसी में करते है.लात गरीब के पेट पर मार, घर अपना ये भरते हैइस देश की है बीमारी, ये धनवान भिखारीले हाथ कटोरा घर घर जाते मोसम जो चुनावों का आताअल्लाह के नाम पर दे दे वोट, गाना बस इनको एक ही आता.इस देश की है बीमारी, ये मूल्यों के व्यापारीनीलम देश को कर दे ये, जो इनका बस चल जायेभारत माँ को कर शर्मिंदा, ये उसकी कोख लजाये.इस देश की है बीमारी, ये दानव अत्याचारीखून चूसकर जनता का, ये अपना राज चलायेजो खाली रह गया इनका पेट, नरभक्षी भी बन जायेइस देश की है बीमारी, देखो इनकी गददारीगाय का चारा खाते ये, कोयले की कालिख लगाते येधरती माँ का सोदा कर, उसको भी नोच खाते येइस देश की है बीमारी, ये भूखे भ्रष्टाचारी.– Monika Jainकैसा ये भारत निर्माणभ्रष्टाचारी मौज मनाएंरंगरेलियां मनाने स्विट्जरलैंड जाएंदूध मलाई नेता खाएंबंद एसी कमरों में बैठ,देश लूटने की योजना बनाएं.कुपोषण और गरीबी में आत्महत्या कर रहा किसानऐसा है भारत निर्माण.सौदों में नेता दलाली खाएंधन विदेशी बैंकों में जमा कराएंसीबीआई को बनाकर अपने हाथों की कठपुतलीघोटालों पर पर्दा गिराएविरोधियों पर लाठी बरसाए, झूठे मुकदमों में फंसाएइनकी कथनी करनी का अंतर करा रहा इनकी पहचानऐसा है भारत निर्माणघोटालेबाजों को है संरक्षण, जनता का हो रहा है शोषणमहंगाई से नहीं राहत का लक्षणऐसा है भारत निर्माण– Sh. छोड़ यार, चल लूटबेशुमार बार-बारकुछ भी ना जाए छूटदे मिटा, ना पटाकोई गर गया रूठदेख मौका, दे दे धोखातोड़ मार, डाल फूटछल कपट, जोर झपटहर भरोसा, जाए टूटछोड़ कायदा, बस फायदासीधा चला, अपना ऊंटसच, झूठ, झूठ, झूठ?

But Purshottam is good enough to plot the trio's fall as Bhavani is arrested for the murder of a prostitute and Abdul Sattar is accused of rape and murder of a blind girl Gopi (Shilpa Shirodkar), while Ashutosh gets fired from the police job itself.

The climax shows how the trio gets the punishment for Purshottam.

Linguistic corruption refers to a change within a language that leads to its degradation.

As a writer, you should learn how to help language remain powerful and rich.

दोस्तो आज हमने भ्रष्टाचार पर लिखी गई कुछ कविताओं का संग्रह किया है इन कविताओं के माध्यम से हमने बताया है कि हमारे देश में Bhrashtachar कितना फ़ैल चूका है अगर जल्द ही इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया तो यह किसी महामारी की तरह पुरे देश में फ़ैल जाएगा.गांधीजी और अन्य महापुरुषो ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखा था लेकिन अभी तक यह पूरा नहीं हो पाया है बल्कि भ्रष्टाचार दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है.

यह सरकारी कार्यालयों से लेकर निजी कार्यालयों में भी व्याप्त है.

Do not be afraid to express your opinion on particular ways of fighting corruption.

Before you start to write an essay on corruption, you should understand that there are several types of corruption.

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